पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार धधक रहे जंगल
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के बाद जंगलों की आग शांत हो गई थी। लेकिन, फिर से पारा चढ़ने के साथ आग दोबारा धधकने लगी है। बुधवार को देवीखाल से गुमखाल को जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास जंगलोें में भयंकर आग लगी हुई थी। धुएं के कारण वाहन संचालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लगातार पारा चढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटना बढ़ रही है। अप्रैल माह के अंत से ही लगातार जंगल धधक रहे थे। स्थिति वन विभाग के कंट्रोल से भी बाहर हो चुकी थी। ऐसे में तीन दिन पूर्व हुई बारिश ने जंगलों की आग को शांत किया। लेकिन, अब दोबारा पारा चढ़ने के साथ ही जंगलों में आग की घटना बढ़ने लगी है। देवीखाल-गुमखाल के मध्य आग लगने से कई हैक्टेयर क्षेत्र में फैली वन संपदा जल कर खाक हो गई। आग गांव व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक न पहुंचे इसके लिए ग्रामीण आसपास के क्षेत्र में चीड़ की पत्तियों को साफ करते हुए नजर आए। धुएं के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग में भी गहरी धुंध छाई हुई थी। जंगलों में आग लगने से प्राकृतिक स्रोतों पर भी खतरा मंडराने लगा है। देवीखाल से गुमखाल के मध्य कई गांव में पानी का फोर्स बिल्कुल कम हो गया है। ऐसे में यदि आग इसी तरह लगी रहती तो पेयजल संकट और अधिक गहरा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में कई प्राकृतिक स्रोत तो पूरी तरह खत्म हो गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीणों के लिए प्राकृतिक स्रोत से ही पेयजल योजना बनाई गई है।