देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के शब्दों में न्याय की तड़प नहीं, बल्कि जवाबदेही से बचने का प्रयास नजर आता है। मीडिया को जारी बयान में गोदियाल ने उर्मिला सनावर के हालिया खुलासों का जिक्र करते हुए कहा कि इतने सनसनीखेज दावों के 20 दिन बाद मुख्यमंत्री का बोलना यह दर्शाता है कि राज्य की जनता और उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार आज जांच के लिए तैयार होने की बात कह रही है, वह पिछले तीन वर्षों से सीबीआई जांच से क्यों भागती रही। मुख्यमंत्री के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता जो आदेश करेंगे, सरकार वही करेगी, गोदियाल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बयान संविधान और कानून का अपमान है। जांच माता-पिता के आदेश से नहीं, बल्कि कानून की प्रक्रियाओं से चलती है। मुख्यमंत्री का काम निर्णय लेना है, अपनी जिम्मेदारी अंकिता के पीड़ित माता-पिता पर डालना नहीं। गोदियाल ने दावा किया कि उनकी अंकिता भंडारी को न्याय दो पदयात्रा और जनता के बढ़ते आक्रोश के कारण सरकार अब दबाव में है। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्ष्य मिटाने के लिए रिजॉर्ट तोड़ा गया और पुलिस कस्टडी में दो बार आग लगी, लेकिन सरकार अब तक दोषियों और उस वीआईपी को बचाने में जुटी है।