रुद्रप्रयाग)। जनपद की धनपुर और रानीगढ़ पट्टी में भालू का आतंक बना है। बीते दिनों चिनग्वाड़, घंडियाल्का और च्वीथ गांव में भालू की सक्रियता देखकर ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जहां सुरक्षा की मांग की वहीं वन विभाग की टीम गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। धनपुर और रानीगढ़ पट्टी के एक दर्जन से अधिक गांवों में भालू की चलकदमी देखी जा रही है। अब महिलाएं जंगल जाने में भी डर रही है। हालांकि गांव-गांव में वन विभाग की टीम के महिलाओं को जागरूक करने के बाद महिलाएं झुंड बनाकर शोर-शराबा कर घास पत्ती लेने जा रही है। वहीं गांव के लोग भी महिलाओं के साथ ही बच्चों पर खास निगरानी कर रहे हैं। विशेषकर सुबह और सांय भालू को गांव की सीमा में आने से रोका जा रहा है इसके लिए मिर्ची का धुंआ और सीटी बचाते हुए शोर-शराबा किया जा रहा है। घंडिल्याका के प्रधान राकेश मोहन, चिनग्वाड़ के प्रधान दीपक बिष्ट ने कहा कि धनपुर के अधिकांश गांवों में भालू दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर हमले की घटनाएं हो रही है। ग्रामीण एक दूसरे को सर्तक कर रहे हैं जबकि वन विभाग की टीम भी लगातार गांवों का दौरा कर महिलाओं को जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ समय तक वन विभाग की टीम को इस तरह के प्रयास करने होंगे ताकि भालू गांवों से दूर भाग सके। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि भालू प्रभावित इलाकों में वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है साथ ही ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब भालू शहरी इलाकों में कम दिख रहा है जबकि गांवों से भी दूर भगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।