हादसे के आठ दिन बाद भी बाघ पकड़ने में नहीं मिली सफलता

Spread the love

वन विभाग ने डल्ला गांव में लगाए लाइव कैमरे
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : धुमाकोट और रिणीखाल तहसील क्षेत्र के बाघ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में बाघ की दहशत बनी हुई है। हादसे के आठ दिन बाद भी बाघ को पकड़ने में अभी तक कोई सफलता हाथ लग नहीं पाई। बाघ के एक के बाद दो हमलों के कारण यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है। प्रशासन ने पहले ही 25 से अधिक गांवों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करवाते हुए यहां धारा 144 के साथ ही रात्रि कफ्र्यू लगाया हुआ है। वन विभाग की बाघ को पकड़ने की अभी तक की रणनीति सफल नहीं हुई है। वन विभाग ने डल्ला गांव में अब की गतिविधि पर नजर रखने के लिए चार लाइव कैमरे लगाए है। ताकि बाघ की लोकेशन का आसानी से पता लगाया जा सके।
वन विभाग के साथ ही राजस्व विभाग की टीमें भी यहां तैनात की गई है। डल्ला में सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए मचान को भी बनाया गया, लेकिन बाघ मचान के आस-पास आया नहीं। ड्रोन और ट्रैपिंग कैमरों के बाद अब यहां वन विभाग ने चार लाइव कैमरे लगाएं हैं। अभी तक इस क्षेत्र में 20 ट्रैपिंग कैमरों के जरिए घूम रहे बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। ट्रैपिंग कैमरों के डाटा लेने के बाद ही बाघ की गतिविधि के बारे में पता चल रहा था, लेकिन अब लाइव कैमरे लग जाने के बाद बाघ की लोकेशन का पता करने में कोई समय जाया नहीं होगा। वन महकमा बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने की कोशिश कर रहा है ताकि इस क्षेत्र को बाघ के आंतक से निजात दिलाई जा सके, लेकिन अभी तक इसमें सफलता नहीं मिली है। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ स्वनिल अनिरुद्ध ने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर टीमें लगातार नजर रख रही है। टीमों को यहां शिफ्ट में तैनात किया जा रहा है और हर दिन रणनीति भी बदली जा रही है। डीएफओ के मुताबिक बाघ के फुट प्रिंट मिले हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां दो बाघ हैं। जिसमें एक मादा और दूसरा नर है। बताया कि बाघ प्रभावित क्षेत्र डल्ला में अब वन्य जीव विशेषज्ञों की टीम भी आ रही है, जो बाघ की गतिविधि को लेकर पूरी जानकारी जुटाएगी। टीम से काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *