भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने किया कण्वाश्रम का निरीक्षण
जयन्त प्रतिनधि।
कोटद्वार : बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने कण्वाश्रम क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कण्वाश्रम में मिली मूर्ति व अन्य वस्तुओं की जांच की। कहा कि उक्त वस्तुओं से ही कण्वाश्रम का इतिहास सामने आएगा।
टीम ने कण्वाश्रम क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए वहां से प्राप्त पत्थर की मूर्तियों के बारे में जानकारी जुटाई। टीम में शामिल डा. एमसी जोशी ने बताया कि कण्वाश्रम में प्राप्त यह मूर्तियां दसवीं ई. की हो सकती है। जो किसी मंदिर या आश्रम के द्वार पर लगी रहा होगी। बताया कुछ ऐसे क्षेत्र से भी यह मूर्तियां प्राप्त हुई है जहां पूर्व में कभी भारी मात्रा में पानी बहता रहा हो। ऐसे में यह भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पत्थर की मूर्तियां बहकर इधर-उधर बिखर गई हो। बताया कि निरीक्षण के दौरान जो भी चीज मिली है उसका गहनता से अवलोकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम का अधिकांश क्षेत्र वन क्षेत्र से लगा हुआ है। ऐसे में यहां खुदाई या सर्वे करने से पूर्व वन विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य है। बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी एएसआई ने वन विभाग को पत्र भेजा था। लेकिन, उनकी अनुमति नहीं मिल पाई थी। कहा कि दोबारा से वन विभाग को अनुमति के लिए पत्र भेजा जाएगा।