मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस पूर्व में ही कर चुकी है गिरफ्तार
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर में फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से ठगी करने वाले चार व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपी पिछले कई माह से फरार चल रहे थे। जबकि, मुख्य आरोपी पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है।
गत वर्ष मामले में कोटद्वार निवासी यास्मीन ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड नाम की कंपनी में खाता खोला और सितंबर 2023 से अगले एक वर्ष तक सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 36 हजार पांच सौ रुपये जमा किए। बताया कि योजना पूर्ण होने के बाद भी कंपनी ने उन्हें ब्याज व रकम नहीं दी। कंपनी के संचालक उनसे कार्यालय के चक्कर कटवाते रहे। बताया कि कुछ दिन बाद कोटद्वार में कार्यालय बंद कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरु की। पुलिस जांच मेें सामने आया कि इस कंपनी ने कोटद्वार सहित राज्य के अन्य स्थानों में भी लोगों से खाते खुलवाए थे। लोगों ने कंपनी पर भरोसा कर लाखों रुपये जमा किए लेकिन, कंपनी पैसों को लेकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने बीते वर्ष नौ दिसंबर को मुख्य आरोपी दिलीप सिंह बोहरा को विनोद बिहार ऋषिकेश से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके साथी भम सिंह, प्यारे राम, बालकरन, सुरेंद्र सिंह नेगी व सूरज मणी सेमवाल ने मिलकर बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड नाम की कंपनी खोली। पुलिस जांच में पता चला कि कंपनी पंजीकृत है। लेकिन, उसे लोगों से आरडी, एफडी या अन्य किसी भी प्रकार की रकम लेने का अधिकार नहीं है। ऐसे में अब पुलिस ने मामले में फरार चल रहे सुरेंद्र सिंह नेगी पुत्र गौतम सिंह नेगी, निवासी खैरी खुर्द, पांडे प्लॉट, गली नं. 10, श्यामपुर, जनपद देहरादून, बालकरन पुत्र रामराज मौर्य, निवासी शिवाजी नगर, गली नं. 29-अ, ऋषिकेश, जनपद देहरादून, नरेश रावत पुत्र सत्य प्रकाश रावत निवासी 266 शांति नगर, वनखंडी, ऋषिकेश, जनपद देहरादून को गिरफ्तार किया है।