आबादी क्षेत्रों में बढ़ी भालुओं की धमक, ग्रामीण रातभर पहरा देने को मजबूर

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चमोली : गांवों और आवासीय इलाकों में भालुओं की बढ़ती आवाजाही से दहशत में आए ग्रामीण अब पटाखे फोड़कर, कंटर बजाकर, सीटी और शोर मचाकर उन्हें दूर भगाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रातभर ग्रामीण समूह बनाकर पहरा देने को मजबूर हो गए हैं। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दूबे ने बताया कि भालुओं की गतिविधि वाले क्षेत्रों में तुरंत वन कर्मियों की पैट्रोलिंग टीम भेजी जा रही है। विभाग की टीम भी चेतावनी स्वरूप फायर पटाखे जला कर भालुओं को आबादी से दूर कर रही है। नंदानगर क्षेत्र के विजय प्रसाद, कल्पेश्वरी देवी और महिपाल सिंह गुसाईं ने बताया कि धुर्मा, मोख, कुंडी सहित कई गांवों में भालू लगातार दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण पटाखे, कंटर और शोर की मदद से उन्हें भगाने की कोशिश कर रहे हैं। मशालों की रोशनी भी भालुओं को गांवों में प्रवेश करने से रोकने में मदद कर रही है। कई गांवों में लोग पूरी रात जागकर पहरेदारी कर रहे हैं। भालुओं की धमक अब शहरों तक पहुंच गई है। गुरुवार शाम और शुक्रवार सुबह गोपेश्वर में केंद्रीय विद्यालय के पास भी भालू नजर आया। डीएफओ दूबे ने बताया कि गोपेश्वर में भी वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है। (एजेंसी)

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