जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वन विभाग के लाख दावों के बाद भी आबादी क्षेत्र में हाथियों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 37 पश्चिमी झंडीचौड़ में आए दिन हाथी आबादी में पहुंचकर फसल बर्बाद कर रहे हैं। काश्तकारों ने वन विभाग से क्षेत्र में हाथी सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की है। कहा कि फसल बर्बाद होने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
झंडीचौड़ का अधिकांश भाग जंगल से सटा हुआ है। यही कारण है कि आए दिन जंगल से निकलकर हाथी आबादी में पहुंच रहे हैं। सोमवार रात हाथी ने काश्तकार पुष्पा देवी, रघुवीर सिंह के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया। पार्षद सुखपाल शाह ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार खेती पर ही निर्भर हैं। लेकिन, फसल बर्बाद होने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई काश्तकार को खेती छोड़ने को भी मजबूर हो गए हैं। बताया कि हाथी सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं। लेकिन, अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। बताया कि वर्ष 2003 में क्षेत्र में फेसिंग लाइन बिछाई थी। लेकिन, रखरखाव के अभाव में यह भी पूरी तरह टूट चुकी है। कहा कि जंगली जानवरों से निजात के लिए वार्डवासियों को पटाखे व गांधी बंदूक और टार्च दिया जाना चाहिए। साथ ही क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त भी बढ़ाई जानी चाहिए।