रुद्रप्रयाग : धनपुर पट्टी के कई गांवों में इन दिनों भालू का आतंक बना है। बीती सांय चिनग्वाड़ में गांव के पास एक साथ तीन भालू दिखने से लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों द्वारा शोर-शराबा करने के बाद भालू जंगल की ओर भागे। कई दिनों से पहाड़ी इलाकों में भालू के हमले की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है। क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों ने वन विभाग से शीघ्र भालू से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्यवाही की मांग की है। बीती सांय चिनग्वाड़ में एक आवासीय भवन के करीब तीन भालू घर की ओर आ रहे थे कि इसी बीच छत पर बैठे बच्चों ने उन्हें देख लिया। बच्चों ने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी जिसके बाद छत से ही परिजनों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। काफी देर तक शोर-शराबा सुनकर भालू नीचे जंगली की ओर भाग गए। हालांकि ग्रामीणों में डर का माहौल बना है। चिनग्वाड़ के प्रधान दीपक बिष्ट ने बताया कि गांव की सीमा में कई भालू एक्टिव है जिससे लोगों को खतरा बना है। बीते दिन भी यदि समय पर भालू नहीं दिखते तो कोई घटना को सकती थी। उन्होंने वन विभाग से शीघ्र भालू को दूर भगाने और ग्रामीणों की सुरक्षा की मांग की है। घंडियाल्का के प्रधान राकेश मोहन ने बताया कि धनपुर के कई इलाकों में भालू काफी दिनों से सक्रिय है। इससे ग्रामीणों में डर है। महिलाएं घास के लिए जंगल नहीं जा पा रही है, जबकि बच्चे स्कूल जाने में डर रहे हैं। अकेले इधर-उधर जाने में हर किसी को डर लग रहा है। उन्होंने वन विभाग से शीघ्र भालू को गांवों की सीमा से दूर भगाने के लिए ठोस कार्यवाही की मांग की है। साथ ही गांवों में वन कर्मियों की नियमित गश्त लगाने की भी मांग की है। इधर, रुद्रप्रयाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि गांवों में भालू की सूचना पर वन विभाग के कार्मिक भेज दिए गए हैं जो लोगों को जागरूक कर रह हैं साथ ही भालू को दूर भगाने का प्रयास कर रहे हैं। (एजेंसी)