स्वभाव के बजाय कार्यशैली में बदलाव लाएंरू भागवत

Spread the love

हल्द्वानी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का तीन दिवसीय प्रांत स्तर की बैठक शुरू हो गई है। पहले दिन दो सत्रों में आयोजित बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पदाधिकारियों को संगठन को और अधिक क्रियाशील और मजबूत बनाने का मंत्र दिया। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि समाज में बदलाव आ रहा है। ऐसे में अपने स्वभाव के बजाय कार्यशैली में बदलाव लाएं। आम्रपाली संस्थान लामाचौड़ में प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में संघ प्रमुख भागवत ने सात गतिविधियों में धर्म जागरण, परिवार प्रबोधन, गोसवंर्धन, सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव, ग्राम्य विकास, जल व पर्यावरण संरक्षण पर व्यापक चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि 2024 तक हमें इन लक्ष्यों को पूरा करना है। इसके लिए संकल्प लेना है। राज्य के 16 हजार गांवों में समाज परिवर्तन के लिए इन कार्यों को आगे बढ़ाना है। बैठक में भागवत ने हर स्वयंसेवक को समाज के इन कार्यों से जोडने की बात कही। उन्होंने शाखा को और मजबूत बनाने पर जोर दिया और कहा कि जो स्वयंसेवक हैं और शाखा में नहीं आ पाते हैं। उन्हें भी उक्त सात गतिविधियों का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि समाज में बदलाव आ रहा है। इसलिए हमें स्वभाव बदलने के बजाय काम करने की शैली बदलनी होगी। हर स्तर पर समन्वय बनाना होगा। उन्होंने देश हित में सज्जन शक्तियों व समाजहित में सोचने वाली शक्तियों को भी जोडने को लेकर चर्चा की।
संघ प्रमुख मोहन भागवत एक दिन पहले यानी आठ अक्टूबर की रात ही आम्रपाली संस्थान पहुंच चुके थे। शनिवार को सुबह 9रू30 बजे से पूर्वाह्न 11रू30 बजे तक पहले सत्र की बैठक हुई। इसमें बौद्घिक, शारीरिक व व्यवस्था विभाग को लेकर चर्चा की गई। दोहपर के भोजन के बाद अपराह्न 3रू30 बजे से शाम 5रू30 बजे तक दूसरे सत्र की बैठक हुई। इसमें प्रचार, सेवा व संपर्क विभाग के कार्यों पर विस्तार से विमर्श हुआ। इस दौरान क्षेत्र प्रचारक महेंद्र, क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत दीक्षित, प्रांत प्रचारक युद्घवीर, प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख किसलय, सह प्रांत प्रचार प्रमुख बृजेश बनकोटी, संजय आदि शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *