मुरादाबाद,। उत्तर प्रदेश में देवरिया के बाद अब मुरादाबाद जिले में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने फांसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट के अनुसार, बीएलओ ड्यूटी लगने और एसआईआर का लक्ष्य पूरा न होने से परेशान था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर दिया। उसके पास से बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम लिखा 2 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें उसने अपनी परेशानियों का जिक्र किया है।
यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना भोजपुर के बहेड़ी गांव का है। गांव निवासी सर्वेश सिंह (46) थाना भगतपुर के गांव जाहिदपुर सिकंदरपुर कम्पोजिट स्कूल में अध्यापक के पद पर कार्यरत था। सर्वेश ने सुसाइड नोट लिखा, रात-दिन काम करता रहा। फिर भी एसआईआर का लक्ष्य हासिल नहीं कर पा रहा हूं। दिन-रात बहुत मुश्किल और चिंता में कटती है। सिर्फ 2-3 घंटे सो पा रहा हूं। 4 बेटियां हैं, 2 की तबीयत खराब है। मुझे क्षमा करें।
बीएलओ सर्वेश की आत्महत्या अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग एसआईआर की कार्य प्रणाली और अधिकारियों के दबाव को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उन्हें 7 अक्टूबर को बीएलओ बनाया गया था। उत्तर प्रदेश में एसआईआर शुरू होने के बाद से अब तक 6 बीएलओ की जान जा चुकी है। इसमें 3 ने आत्महत्या की है, जबकि 2 की मौत हार्ट अटैक से हुई है। इसी तरह एक जान ब्रेन हेमरेज से गई।