देहरादून()। पुलिस ने बंद घरों को निशाना बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और मूर्तियां बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों में से एक पौड़ी जिले का गैंगस्टर भी है। आरोपी बढ़ई और लकड़ी काटने के काम करने के बहाने कॉलोनियों में घूमकर रेकी करते थे। लक्खीबाग चौकी क्षेत्र के चंदननगर तिराहा निवासी गोपाल अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीती चार जनवरी की रात वह अपनी दोनों बेटियों के साथ बड़े भाई के घर रात्रि भोज पर गए थे। शाम को गए और रात करीब 11 बजे जब परिवार वापस लौटे। इस दौरान पता लगा कि घर से लाखों रुपये के गहने चोरी हो गए थे। उनकी शिकायत पर छह जनवरी को पुलिस को पुलिस चोरी का केस दर्ज किया। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सुराग मिलने पर पुलिस ने बुधवार रात मद्रासी कॉलोनी के पास रेलवे लाइन के किनारे घेराबंदी कर दो संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी किए गए जेवर और ताले तोड़ने के औजार बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम जावेद अहमद उर्फ मेराजुद्दीन (38) और फरीद (35) बताए। दोनों ही जिला डोडा, जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी लकड़ी काटने और बढ़ई का काम करते हैं। इसी काम की आड़ में वे अलग-अलग राज्यों और जिलों में घूमते हैं। दिन में वे बंद पड़े घरों की रेकी कर लेते थे और रात में अपने औजारों से ताले तोड़कर घटना को अंजाम देते हैं। एक है पौड़ी जिले का गैंगस्टर शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि इन्होंने उत्तराखंड के टिहरी, चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और देहरादून के अलावा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है। मुख्य आरोपी जावेद पर पौड़ी में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। डेढ़ माह पहले भी की थी चोरी पूछताछ में पता लगा कि करीब डेढ़ महीने पहले भी उन्होंने कोतवाली नगर क्षेत्र में एक चोरी की थी। उस मामले में माल बरामदगी के लिए पुलिस आरोपियों को पीसीआर पर लेने की तैयारी कर रही है। ताकि, चोरी का माल बरामद किया जा सके।