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उदयपुर, एजेंसी। उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या की साजिश रचने में शामिल सातों आरोपियों को मंगलवार को एनआइए कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान रिमांड अवधि खत्म होने के बाद गिरफ्तार सभी सातों आरोपियों को मंगलवार को एनआइए कोर्ट जयपुर में पेश किया गया। तीन आरोपियों को 12 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जबकि अन्य चार को 1 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
28 जून को मोहम्मद रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी का समर्थन करने के लिए दर्जी कन्हैया लाल की गर्दन काट दी और सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं।
अख्तरी, गौस, मोहसिन, आसिफ, मोहम्मद मोहसिन, वसीम अली और फरहाद मोहम्मद शेख समेत सात आरोपियों को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। विशेष लोक अभियोजक टीपी शर्मा ने कहा कि अदालत ने अख्तरी, गौस और शेख को एनआईए की हिरासत में और अन्य चार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मुख्य आरोपी अख्तरी और गौस के अलावा अन्य को साजिश में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले उन्हें 12 जुलाई तक एनआईए की हिरासत में भेजा गया था।
इस बीच एनआईए की टीम ने मंगलवार को उदयपुर शहर के मुखर्जी चौक इलाके में संभावित संदिग्धों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि टीम ने तीन-चार लोगों को हिरासत में भी लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है।
अपराध के बाद पोस्ट किए गए अपने वीडियो में अख्तरी और गौस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी भी दी थी, उन्होंने गर्व से हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू के साथ फोटो खिंचवाई थी। कराची स्थित धार्मिक संगठन दावत-ए-इस्लामी के साथ उनके जुड़ाव के बारे में पूछताछ की जा रही है जो कट्टरपंथ का प्रचार कर रहे थे।
केंद्रीय एजेंसी सोशल मीडिया पर और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के साथ उनके कनेक्शन की जानकारी के लिए सभी आरोपियों के फोन और अन्य उपकरणों की भी जांच कर रही है। उदयपुर हत्या के अलावा एनआईए पिछले महीने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक रसायनज्ञ की हत्या की भी जांच कर रही है।