जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भारत मुक्ति मोर्चा ने समाज में भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूजीसी विनियम को जरूरी बताया। कहा कि सरकार को जल्द से जल्द यूजीसी विनियम लागू करना चाहिए।
इस संबंध में मोर्चा के सदस्यों ने सोमवार को प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। कहा कि समाज में लगातार बढ़ते भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूजीसी विनियम विधेयक जरूरी है। कहा कि वर्तमान में उच्च शिक्षण संस्थानों में एसटी, एससी, ओबीसी, विकलांग व महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव होने की शिकायतें आ रही है, जिसको समाप्त करने के लिए यूजीसी को लागू किया जाना जरूरी है। उन्होंने ओबीसी जाति आधारित जनगणना किए जाने, अधिसूचना के कालम में जाति का कालम अंकित किया जाए। इसके अलावा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी से मुक्त किए जाने, लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग का निर्माण करवाए जाने, मोटर मार्ग पर कामर्शियल वाहनों के लिए खोले जाने, एससी, एसटी व ओबीसी के फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाए जाने की मांग की है। इस मौके पर श्याम लाल, सतीश ओडवाल, चंद्रमोहन राणा, रमेश चंद्र, मुन्नू सिंह मौजूद रहे।