देहरादून(। उत्तराखण्ड क्रांति दल के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष और जनआंदोलनों को दबाने के लिए दमनात्मक नीति अपना रही है।शनिवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती के आह्वान पर महानगर देहरादून इकाई ने द्रोण चौक में भाजपा सरकार का पुतला दहन कर रोष व्यक्त किया।पार्टी नेताओं का आरोप है कि उक्रांद के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और पुष्पेश त्रिपाठी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी तथा युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष आशीष नेगी को नजरबंद किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। कार्यकर्ताओं ने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक और जनभावनाओं के खिलाफ बताया। इस दौरान देहरादून महानगर अध्यक्ष प्रबीन रमोला ने कहा कि हमारे दल के वरिष्ठ नेताओं पर ये अंकुश लगाने की गैर लोकतांत्रिक कुचेष्ठा है। यह कार्रवाई प्रदेश की जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे उत्तराखंड क्रांति दल किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। सरकार विपक्ष और जनआंदोलनों को दबाने के लिए दमनात्मक नीति अपना रही है, जो लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है। पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि सरकार राजधानी गैरसैंण की आवाज को दबाना चाह रही है, जिसे उक्रांद किसी भी हाल में होने नहीं देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस प्रकार की अलोकतांत्रिक कार्रवाइयां बंद नहीं कीं तो पार्टी प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। वहीं केंद्रीय महिला अध्यक्ष संतोष भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज की रक्षा के लिए उत्तराखण्ड क्रांति दल का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस मौके पर केंद्रीय महामंत्री मीनाक्षी घिल्डियाल, संगीता बहुगुणा, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, निशिथ मनराल, गजेंद्र नेगी, संदीप असवाल, भोला चमोली, रुचि उनियाल, कपिल कुमार, संतोष नौटियाल, सौरभ सेमवाल, अनूप बिष्ट, उत्तरापंत बहुगुणा, नैना लखेड़ा, गिरीश कोठारी, आनंद कोठारी, आनंद ध्यानी, राम कुमार, रश्मि श्रेष्ठा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।