जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : देव भूमि में लिव इन रिलेशन को मान्यता देने पर उत्तराखंड क्रांति दल ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि उत्तराखंड को देवों की भूमि कहा जाता है। ऐसे में इस तरह के निर्णय ठीक नहीं है। यदि जल्द इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो उक्रांद आंदोलन को मजबूर होगा।
उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता व पदाधिकारी तहसील परिसर में एकत्रित हुए। जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महानगर अध्यक्ष जगदीपक रावत ने कहा कि सरकार का यह निर्णय ठीक नहीं है। प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून पारित कर लिव इन रिलेशन को मान्यता प्रदान कर प्रदेश वासियों के साथ छलावा किया है। कहा कि यह कानून देवभूमि की संस्कृति, समाज व युवाओं को दूषित करने वाला कानून है। कहा कि इस कानून के लागू हो जाने से उत्तराखंड में एक वर्ष तक प्रवास करने वाले बाहरी प्रदेशों के निवासियों को भी स्थाई निवासी बनने का रास्ता खोल दिया गया है। कहा कि उक्रांद शुरू से ही इस प्रकार के जनविरोधी कानूनों का विरोध करता आ रहा है। कार्यकत्र्ताओं ने प्रदेश में लिव इन रिलेशन को समाप्त कर सशक्त भूकानून लागू करवाने की मांग उठाई। इस मौके पर वरिष्ठ नेता डा. शक्तिशैल कपरवाण, महेंद्र सिंह रावत, सत्य प्रकाश भारद्वाज, विनोद कुमार, गणेश रावत, हरेंद्र सिंह, हरीश द्विवेदी, ओम प्रकाश घनसेला आदि मौजूद रहे।