चमोली : वन्य प्राणियों के लगातार हमलों और आबादी क्षेत्रों में घुसकर आतंक मचाने की घटनाओं से आक्रोशित उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में प्रदर्शन किया। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने वन्यजीव हमलों पर अंकुश लगाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए बद्रीनाथ और केदारनाथ वन प्रभाग कार्यालयों का घेराव कर तालाबंदी की। सोमवार को उक्रांद जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन प्रभाग और केदारनाथ वन प्रभाग के कार्यालयों का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हिंसक वन्य प्राणियों द्वारा लोगों और मवेशियों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं लेकिन सरकार और वन विभाग जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। उक्रांद जिलाध्यक्ष युधवीर सिंह नेगी ने कहा कि वन विभाग और उसके अधिकारी स्थानीय जनता को जंगली जानवरों से बचाने में नाकाम हो चुके हैं। ऐसे अधिकारियों को अपने पदों पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने वन्यजीव हमलों को रोकने के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी नीति बनाने की मांग की। उक्रांद के पूर्व केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि जनपद चमोली में बीते कुछ महीनों के भीतर भालुओं के हमलों में भारी वृद्धि हुई है। केदारनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और छह लोग घायल हुए हैं, जबकि बद्रीनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में दो लोगों की मौत और 13 लोग भालू के हमलों में घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के पास जिले में भालू और गुलदारों की वास्तविक संख्या तक का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। (एजेंसी)