उल्लास कार्यक्रम साक्षरता तक सीमित नहीं

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ नई दिल्ली द्वारा कलिंग विवि भुवनेश्वर उड़ीसा में 21 से 23 जनवरी तक आयोजित संघ के 66वें राष्ट्रीय अधिवेशन उल्लास में उत्तराखण्ड राज्य से विकासखण्ड दुगड्डा के राजकीय इंटर कॉलेज धोबीघाट में कार्यरत शिक्षक डा. सौरभ मिश्र ने प्रतिभाग किया। अभी तक उल्लास के माध्यम से मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा अभी तक पूर्ण साक्षर राज्य घोषित हो चुके है। वहीं शिक्षक की इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त किया है।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में डा. सौरभ मिश्र ने बताया कि उन्होंने प्रौढ़ और आजीवन शिक्षा विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उत्तराखण्ड राज्य को नशामुक्त तथा टीबी मुक्त बनाकर पूर्ण शिक्षित राज्य बनाने की बात कहीं। बताया कि उल्लास कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में वर्ष 2024-25 में पांच जिले शामिल किए गए थे। उल्लास कार्यक्रम साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक के उन सभी नागरिकों को बुनियादी शिक्षा और जीवन कौशल प्रदान कर सशक्त बनाना है, जिन्हें औपचारिक शिक्षा का अवसर नहीं मिला है। यह सिर्फ एक साक्षरता कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि एक जन आन्दोलन है। उत्तराखण्ड में भी, शिक्षा विभाग और अन्य संस्थान साक्षरता जन-जन साक्षर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर और स्वयं सेवकों की मदद से इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए आज भी काम कर रहे हैं और अच्छे निष्कर्ष के लिए प्रयासरत हैं।

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