आशाओं का अनिश्चितकालीन धरना 43वें दिन भी जारी

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशाओं का अनिश्चितकालीन धरना 43वें दिन भी जारी रहा। आशाओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर मात्र आश्वासन दिये जा रहे हैं। उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को तहसील परिसर में धरने पर बैठी आशाओं ने कहा कि वे लगातार मांगों को लेकर अपना आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है। 2017 से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। मांगों पर गौर न किये जाने से आशाओं ने कार्यबहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। प्रदेश सरकार से आशा कार्यकत्रियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 21 हजार रुपये का मानदेय देने, जब तक मानदेय और कर्मचारियों का दर्जा मिलने तक अन्य विभागों से योजनाओं में लगे कार्मिकों की तरह मानदेय देने, सेवानिवृत्त होने पर पेंशन की सुविधा देने, कोविड कार्यों में लगी आशा कार्यकत्रियों को दस हजार रुपये मासिक भत्ता, 50 लाख रुपये का बीमा और दस लाख का स्वास्थ्य बीमा देने, कोविड ड्यूटी के दौरान मृत आशा कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा सहित 12 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, ऊषा चौहान, कल्पना काला, नीलम कुकरेती, कल्पना बिष्ट, सीमा शाही, सुनीता रावत, मेघा असवाल, प्रर्मिला गुसांई, प्रीति, सम्पत्ति, विमला जोशी, रोशनी जदली, बसंती रावत, शोभा, धनेश्वरी, सुमन राठौर, संजू नेगी, राखी, कलावती, कांति कंडवाल, रोशनी, सुरभि, प्रवेश, विजय लक्ष्मी ध्यानी, लक्ष्मी गुसांई, ममता, आशा, सरिता, आशा ढौंडियाल, सरिता, बीना बछवाण आदि शामिल थे।

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