जम्मू , एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को कहा कि अनुच्टेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में व्यवस्था बदली है लेकिन मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे स्वार्थों से ऊपर उठकर भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करना होगा। जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिए जाने चाहिए।
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत जम्मू के चार दिवसीय प्रवास पर हैं। एक मात्र सार्वजनिक कार्यक्रम के तहत जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरवर सिंह सभागार में उन्होंने प्रबुद्घ जनों की विचार गोष्ठी को संबोधित किया। गोष्ठी में संघ की विचारधारा से जुड़े विभिन्न वर्गों के करीब 550 लोगों, जिसमें संघ, भाजपा के अलावा व्यापार और वाणिज्य, पूर्व सरकारी अधिकारियों, पत्रकार व वकील भी शामिल रहे।
इससे पहले शुक्रवार को मोहन भागवत ने संघ की प्रांत टोली व पदाधिकारियों से एकल बैठकें कर प्रदेश की सियासी नब्ज टटोली थी। उन्होंने भाजपा और प्रदेश सरकार के कार्य का फीड बैक भी लिया। संघ प्रमुख ने आंतरिक बैठकों में जम्मू-कश्मीर मिशन विधानसभा-2022 पर गहन मंथन किया और शाखाओं के माध्यम से स्वयं सेवक की पहुंच हर घर तक बनो के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश भी जारी किए। बैठकों में संघ कार्य के विस्तार को लेकर गहन चर्चा हुई। मोहन भागवत ने इस अवसर पर संघ में पूर्णकालिक कार्यकर्ता एवं शाखाओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष आने से पूर्व संघ कार्य की गति को बढ़ाने की बात कही।