ऋषिकेश। टीएचडीसीआईएल ने 1320 मेगावाट खुर्जा एसटीपीपी के कमीशन होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (केएसटीपीपी) में यूनिट-1 का पूर्ण भार यानी 660 मेगावाट बुधवार को पूर्वाह्न 05.15 बजे सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि इस समय सभी छह कोयला मिलों को चालू कर दिया गया। सभी तकनीकी पैरामीटर स्थिर हैं। यूनिट-1 के परीक्षण संचालन के दौरान मुख्यधारा के 262.4 किग्रा/सेमी के दबाव और 603 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 664 मेगावाट का अधिकतम भार प्राप्त किया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए खुर्जा एसटीपीपी की पूरी टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि सभी ईएसपी क्षेत्र चार्ज हो गए हैं। राख निकासी काफी संतोषजनक है। साथ ही यूनिट को पांच दिसंबर को एफजीडी से जोड़ दिया जाएगा। उसके बाद 07 दिसंबर से वाणिज्यिक संचालन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बड़ी उपलब्धि के साथ सभी थर्मल सिस्टम स्थापित हो गए हैं और पूर्ण लोड संचालन के लिए उपयुक्त साबित हुए हैं। टीएचडीसी के निदेशक कार्मिक शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि केएसटीपीपी की यूनिट-1 का पूर्ण लोड रन टीएचडीसीआईएल की अपनी ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है और यह वृद्धि इसकी कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी, जो विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा समाधान प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
निदेशक तकनीकी भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि केएसटीपीपी बेस लोड बिजली प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना शुरू कर देगा। विशेष रूप से चरम मांग अवधि के दौरान और जब नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन परिवर्तनशील होते हैं, तब निरंतर और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। निदेशक वित्त सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि थर्मल पावर में निवेश करने का कंपनी का उद्देश्य बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए थर्मल ऊर्जा की विश्वसनीय और स्केलेबल प्रकृति का लाभ उठाना है, जिससे अंततः ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त होगी। मौके पर कार्यपालक निदेशक (परियोजना) कुमार शरद, महाप्रबंधक (ओ एंड एम) बीके साहू, उप महाप्रबंधक (एच आर एंड ए) एके विश्वकर्मा, अपर महाप्रबंधक (एनटीपीसी कंसल्टेंसी) हरविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।