पर्यावरण संरक्षण के लिए बंद करें प्लास्टिक का उपयोग

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आजादी अमृत महोत्सव के तहत आयोजित की गई गोष्ठी
जयन्त प्रतिनिधि
पौड़ी। आजादी के अमृत महोत्सव, सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन कार्यक्रम के तहत राजकीय इंटर कॉलेज कोचियार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयं सेवियों ने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक के उपयोग को गंद करने की अपील की।
आयोजित गोष्ठी में रासेयो के कार्यक्रम अधिकारी मनमोहन रावत ने ग्रामीणों को प्लास्टिक के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने भौतिक सुखों व इच्छाओं की पूर्ति के लिये लगातार प्रकृति से खिलवाड़ कर रहा है। स्वार्थी व उपभोक्तावादी मानव ने पालीथिन के अंधाधुंध प्रयोग से पर्यावरण को प्रदूषित कर वर्तमान युग को एक प्लास्टिक युग बना दिया है। विज्ञान अध्यापिका रुचिता ने प्लास्टिक के वर्गीकरण (थर्मोप्लास्टिक व थर्मोसेटिंग पाँलिमर), पॉलीथिन बैगों से गांव, शहर, कस्बे, जलीय स्रोत व महासागरों के दूषित होने पर अपना व्याख्यान दिया। उमेश्वरी ने सिंगल यूज प्लास्टिक को वनस्पतियों के वृद्धि व विकास में बाधक एवं मूक पशुओं में विभिन्न बीमारियों व अकाल मृत्यु में प्रमुख कारक बताया। मीना ने डिस्पोजेबल प्लास्टिक के भूमि, जल व जलवायु पर कुप्रभावों के बारे में जानकारी दी। मनमोहन नेगी ने प्लास्टिक की जगह गोबर से निर्मित गमलों व बायोडिग्रेडेबल बैगों के अधिकाधिक प्रयोग व प्लास्टिक निर्माण में लगी इकाइयों पर सरकार द्वारा रोक लगाये जाने की बात कही। रूबी ने प्लास्टिक के निर्माण में उपयोग हानिकारक रसायनों के मानव शरीर के सम्पर्क में आने से कैंसर, जन्मजात विकलांगता व बचपन में बच्चों के विकास पर पड़ने वाले कुप्रभावों के बारे में बताया। इस मौके पर डा. नरेन्द्र शर्मा, ग्राम प्रधान महिपाल सिंह, ग्राम प्रधान नरेंद्र मनराल, चन्द्रमोहन नेगी, बचे सिंह रावत, प्रदीप खनसली, अनिल, धन सिंह, विक्रम रावत आदि उपस्थित थे।

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