उत्तराखंड राज्य को राजनीतिक विकल्प की जरूरत: पीसी तिवारी

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हल्द्वानी। राजनीतिक दलों, सरकारों के संरक्षण में चल रही प्रातिक संसाधनों, जमीनों, नौकरियों की निर्मम लूट के खिलाफ यदि उत्तराखंड में निर्णायक राजनीतिक संघर्ष शुरू नहीं हो पाया तो उत्तराखंडी अस्मिता को बचाना मुश्किल होगा। यह बात रविवार को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि उपपा राज्य के लिए इस जीवन और मरण के सवाल पर निर्णायक संघर्ष शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस, भाजपा समेत सत्ता में भागीदार रहे क्षेत्रीय दलों के नेताओं की गलत नीतियों के कारण उत्तराखंड आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक , सांस्तिक रूप से तेजी से बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थितियों से निकलने के लिए राज्य को एक सशक्त विश्वसनीय जन सरोकारों से ओतप्रोत राजनीतिक विकल्प की जरूरत है। जिसके लिए उपपा गंभीरता से कार्य कर रही है। उपपा अध्यक्ष ने कहा कि उपपा राज्य में एक व्यवस्थित, अनुशासित, प्रतिबद्घ पार्टी के निर्माण के लिए, पूरे राज्य में सांगठनिक मजबूती के लिए कम से कम चार सम्मेलन, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी। उपपा अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भाजपा, कांग्रेस और उनके साथ राज कर चुके क्षेत्रीय दलों को देख चुकी है और हमें विश्वास है कि जनता एक बार उपपा को समर्थन देकर राज्य में राजनीतिक बदलाव की पहल करेगी।

 

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