नईदिल्ली, वैभव सूर्यवंशी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ एक और मैच जिताऊ पारी खेलकर सबका दिल जीत लिया. उन्होंने 26 गेंदों में 78 रन बनाए. जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे. इस दौरान वैभव ने स्विंग के किंग भुवनेश्वर कुमार और ऑस्ट्रेलिया के नंबर वन गेंदबाज जोश हेजलवुड के छक्के छुड़ा दिए. 202 रनों की विशाल लक्ष्य को राजस्थान रॉयल्स ने वैभव और ध्रुव जुरेल की 81 रनों की पारी की वजह से 18 ओवर में ही 4 विकेट खोकर चेज कर लिया.
वैभव ने इस मैच में भी बेहद निडरता से खेला. उन्होंने सबसे पहले भुवनेश्वर कुमार की गेंदों पर लगातार बाउंड्री लगाई, और फिर जोश हेजलवुड के ओवर में 19 रन बनाकर उन पर भी जोरदार हमला किया. इससे पहले वौभव ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में भारत के नंबर वन गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के एक ही ओवर में दो छक्के जड़कर सबको हैरान कर दिया था.
78 रनों की शानदार पारी की वजह से वैभव को प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड दिया गया. मैच के बाद प्रेजेंटेशन में जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि, क्या आप को बुमराह, भुवनेश्वर और हेजलवुड जैसे गेंदबाजों से डर नहीं लगता? तो वैभव ने अपने जवाब में कहा, ‘ सर मैं गेंद को खेलने की कोशिश करता हूं, गेंदबाज को नहीं.’
मैच के बाद सूर्यवंशी ने कहा, ‘मैं बस अपनी ताकत पर भरोसा करने और अभ्यास में जो किया है, उसे ही मैदान पर उतारने की कोशिश करता हूं. बेशक, मन के किसी कोने में यह बात रहती है कि गेंदबाज कौन है. लेकिन फिर भी, मैं गेंद को खेलने की कोशिश करता हूं, न कि गेंदबाज को.’
वैभव ने आगे कहा, ‘मेरे पिता मुझे लगातार मार्गदर्शन देते रहते हैं. यहां मेरे अभिभावक रोमी सर हैं. वे मुझे हमेशा याद दिलाते रहते हैं कि यह सफर बहुत लंबा है. इसलिए, मुझे सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना है, किसी और चीज पर नहीं.’
78 रन बनाने के बावजूद आउट होने के बाद सूर्यवंशी थोड़े निराश दिखे. जिसपर उनसे पूछा गया कि आपने शानदार बल्लेबाजी की थी, तो फिर आप आउट होने पर इतने ज्यादा निराश क्यों थे? जिसपर वैभव ने कहा, ‘सर अगर मैं क्रीज पर टिका रहता, तो मुझे पता था कि हम लक्ष्य को एक या दो ओवर पहले ही हासिल कर सकते थे. इसलिए, अगर मैं कोई ढीला शॉट खेलकर आउट हो जाता हूं, तो मुझे निराशा होती है.’