नई दिल्ली/बेंगलुरु,बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा शुरू करने को मंजूरी दे दी गई है. उम्मीद है कि इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन से व्यस्त रूट पर रात भर का सफर बेहतर होगा, साथ ही यात्रियों का आराम और पूरे सफर का अनुभव भी बेहतर होगा.
इस सेवा को साउथ वेस्टर्न रेलवे जोन द्वारा संचालित और मेंटेन किए जाने की संभावना है. यह कदम देश भर में प्रीमियम लंबी दूरी की यात्रा के विकल्पों को बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे के बड़े प्रयास का हिस्सा है.
बीईएमएल ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यह नई ट्रेन बनाई है. यह केएसआर बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच चलेगी. ऑरेंज और ग्रे रंग की यह स्लीपर ट्रेन उन यात्रियों के लिए होगी जो दो बड़े शहरों के बीच रात में सफर करते हैं.
यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी. पहली ट्रेन जनवरी 2026 में शुरू हुई थी, जो हावड़ा और कामाख्या के बीच चलती है और इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह घंटे तक कम हो गया है.
5 अप्रैल, 2026 को बैंगलोर सेंट्रल से सांसद पीसी मोहन को लिखे एक पत्र में रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मंजूरी की पुष्टि की. इसमें उन्होंने कहा है कि कृपया सार्वजनिक सुविधा के लिए बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने के बारे में हमारी चर्चा का संदर्भ लें.
मंत्री ने कहा, आपको यह जानकर खुशी होगी कि केएसआर बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज (टी) के बीच नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने को मंज़ूरी दे दी गई है.
इस साल की शुरुआत में, वैष्णव ने कहा था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का प्रोडक्शन बढ़ा दिया गया है, और ज़्यादा सर्विस की योजना है. उन्होंने कहा, 2026 के आखिर तक हर तरफ छह रेक वाली 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी.
बताया जाता है कि सांसद पी.सी. मोहन ने केंद्र सरकार से बेंगलुरु और मुंबई के बीच पैसेंजर के सफर को आसान बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधा देने का अनुरोध किया था. 2 दिसंबर को बेंगलुरु सेंट्रल के सांसद पी.सी. मोहन ने साउथ वेस्टर्न रेलवे की स्टैंडिंग कमेटी के स्टडी विज़िट के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था.
बेंगलुरु और मुंबई के बीच करीब 976 किलोमीटर की दूरी है. अभी इन दोनों बड़े शहरों के बीच चलने वाली ट्रेनें 24 से 30 घंटे का समय लेती हैं. लेकिन बेंगलुरु और मुंबई के बीच बसों से सफर करने के लिए 16 से 18 घंटे का समय काफी है. सांसद पीसी मोहन ने रेलवे से दोनों शहरों के बीच बस से कम समय में सफर को आसान बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधा देने का अनुरोध किया था. अगर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलना शुरू होती है, तो यह कर्नाटक में पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी.