जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : द लोनी अरबन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को-आपरेटिब सोसाइटी (एलयूसीसी) के पीड़ितों ने फरार संचालकों को गिरफ्तार न किए जाने पर आक्रोश जताया। कहा कि सीबीआई जांच के बाद भी अभी तक कंपनी के संचालकों को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिसके कारण पीड़ितों में शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।
एलयूसीसी पीड़ितों ने कहा कि विगत 164 दिनों से तहसील परिसर में धरना दे रहे है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई है। फरार संचालक अभी भी बाहर खुले में घूम रहे है। कहा कि भले ही सरकार सीबीआई के माध्यम से कार्यवाही करने का भरोसा दे रही है, लेकिन अभी तक कंपनी के मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जिससे पीड़ितों में शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। कहा कि अब तो निवेशक भी अपने पैसे मांगने के लिए आ रहे है, लेकिन उन्होंने ने तो निवेशकों के पैसों को कंपनी में जमा करवा दिया था। जिससे निवेशकों के दबाव के कारण अब उनकी मानसिक स्थिति भी खराब हो रही है। इस मौके पर सुनीता रावत, सुनीता नेगी, कंचन, प्रेम सिंह नेगी, बलबीर सिंह नेगी, उम्मेद सिंह, सुरेश नेगी, बिजेंद्र रावत, हरेंद्र रावत, राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र नेगी, कुलवंत सिंह मौजूद रहे।