सतर्कता अधिष्ठान ने वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार पर कसी नकेल, 43 अभियुक्त रंगे हाथ गिरफ्तार

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– भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: विजिलेंस ने 21 ट्रैप और 14 शिकायतों में की त्वरित कार्रवाई
– 5.94 लाख रिश्वत राशि के साथ पकड़े गए अधिकारी-कर्मचारी
– वर्षभर में 2209 शिकायतें प्राप्त, 470 में पाया गया विजिलेंस एंगल
– भविष्य की योजना: लंबित मामलों का निस्तारण और जनजागरूकता कार्यक्रमों से भ्रष्टाचार पर रोक
देहरादून()। सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय देहरादून में आज निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरुगेसन (भा.पु.से.) ने प्रेस वार्ता आयोजित कर वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय प्रहलाद नारायण मीणा तथा पुलिस अधीक्षक सेक्टर देहरादून स्वतन्त्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
डॉ. मुरुगेसन ने बताया कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत सतर्कता अधिष्ठान ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वर्षभर में 21 ट्रैप प्रकरणों में विभिन्न विभागों के 26 अभियुक्तों (6 राजपत्रित एवं 20 अराजपत्रित) को रिश्वत राशि ₹5,94,100 लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1064 पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 मामलों में 17 अभियुक्तों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इन सफल कार्रवाइयों के लिए निदेशक सतर्कता ने संबंधित टीमों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।
वर्ष 2025 में कुल 28 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें 5 खुली जांच, 2 अन्वेषण और 21 ट्रैप शामिल रहे। साथ ही 20 मामलों में आय से अधिक संपत्ति की जांच हेतु शासन को आख्या भेजी गई। अधिष्ठान की पैरवी से भ्रष्टाचार के 6 मामलों में से 3 में अभियुक्तों को सजा भी हुई।
सतर्कता अधिष्ठान को वर्षभर में टोल फ्री नंबर और वेबसाइट के माध्यम से 2209 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 470 विजिलेंस एंगल की थीं। इनमें से 14 पर ट्रैप कार्रवाई की गई, 2 मामलों को खुली जांच हेतु शासन को भेजा गया और 83 शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। शिकायतकर्ताओं को राहत देने के लिए रिवॉल्विंग फंड की स्थापना की गई, जिसके तहत अब तक 15 शिकायतकर्ताओं को ₹2,47,500 की राशि वापस की गई।
भविष्य की योजनाओं में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर कर्मचारियों का प्रशिक्षण, शैक्षणिक संस्थानों व सरकारी विभागों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना तथा पर्वतीय जनपदों में भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन 9456592300 को 24×7 सक्रिय रखने की पहल शामिल है।

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