नई टिहरी()। टिहरी झील किनारे चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड मुआवजा भुगतान में दोहरे मानक का ग्रामीणों ने विरोध किया है। उन्होंने ऑल वेदर परियोजना की तर्ज पर प्रभावित सभी ग्रामीणों को एक समान मुआवजा भुगतान करने, सड़क चौड़ीकरण के मानकों में शिथिलता देने की मांग की। समस्याओं के समाधान को रिंग रोड समिति का गठन किया गया जिसमें अरविंद नौटियाल, विक्रम सिंह को सचिव चुना गया। भामेस्वर महादेव मंदिर परिसर में रिंगरोड से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 12 सौ करोड़ की लागत से झील के चारों तरफ रिंगरोड का निर्माण कार्य होना है। रिंग रोड की चौड़ाई लगभग 30 मीटर प्रस्तावित है। झील के आसपास बसे गांव के ग्रामीणों की भूमि पहले टिहरी बांध निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई। शेष भूमि को अब रिंग रोड के लिए अधिग्रहण की जा रही है। ऐसी स्थिति में बांध प्रभावित गांव के लोग भूमिहीन हो जाएगे। रिंगरोड के लिए अधिग्रहण की जा रही भूमि के मुआवाजा भुगतान में दोहरे मानक अपनाए जा रहे है। बैठक में चौंदार, मोटणा, नकोट, चांठी, रौलाकोट, झिवाली, बेरबागी, सेम घंडियालकी, रौणीया पथियाणा, कंगसाली, खरोली व नोताड़ के काश्तकारों ने सभी प्रभावित परिवारों को ऑल वेदर परियोजना की तर्ज पर एक समान मुआवजा देने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
समस्या के समाधान के लिए रिंग रोड समिति का गठन किया गया जिसमें राहुल राणा व विक्रम सिंह उपाध्यक्ष, धीरेंद्र सिंह सहसचिव, वीरेंद्र सिंह कोषाध्यक्ष, सागर भंडारी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में केदार सिंह रावत,बालम सिंह धनाई, उत्तम सिंह शीशपाल, कैलाश, प्रीति, आशीष, भागवान सिंह आदि मौजूद रहे।