जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। हालत यह है कि प्रखंड नैनीडांडा में ग्रामीण गुलदार की दहशत में जी रहे हैं। आए दिन गुलदार गांव के आसपास घूमता हुआ नजर आ रहा है। पिछले एक सप्ताह में गुलदार कई मवेशियों को अपना निवाला भी बना चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के आतंक से निजात दिलवाने की मांग की है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुनसोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रधान संघ नैनीडांडा के अध्यक्ष मनोज मधवाल ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार की धमक लगातार बढ़ती जा रही है। इसके कारण ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। सबसे अधिक चिंता बच्चों व बुजुर्गों की बनी हुई है। ग्राम ख्योनाई में गुलदार अब तक नौ बकरियों को अपना निवाला बना चुका है। बराथ में भी कुछ दिन पहले गुलदार ने एक गाय व जोगिड़ा में भी बकरियों को निवाला बना दिया था। ग्राम खुटीडा में भी गुलदार लगातार मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। बताया कि क्षेत्र में एक अज्ञात जानवर भी गौशाला को तोड़कर गाय व बछिया को अपना निवाला बना रहा है। साथ ही क्षेत्र में भालू की दहशत भी बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पूर्व जानवर ने ग्राम बडोलगांव में एक गौशाला की छत को तोड़ दिया था। वन क्षेत्राधिकारी दीवा रेंज सुभाष चंद्र घिल्डियाल ने ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सचेत रहने की अपील की। जानवरों से निजात के लिए क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान संजना देवी, चमन सिंह बिष्ट, भारती देवी, अंजू देवी, महिपाल सिंह, सूरज सिंह आदि मौजूद रहे।