जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रखंड एकेश्वर के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार व भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, आए दिन जंगली जानवर मवेशियों को निवाला बना रहे है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शाम ढलते ही ग्रामीणों को बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है।
क्षेत्रीय जन की माने तो गुलदार कई बार आबादी वाले क्षेत्रों में घूमता हुआ देखा गया है। भालू भी खेतों और जंगल से सटे गांवों में पहुंच रहे हैं। इस कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक डरे हुए हैं। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। क्षेत्रीय जन ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और और पिंजरे लगाकर जंगली जानवरों को पकड़ने की मांग की है। बताना जरूरी है कि भालू के आतंक के कारण बरते जनवरी माह में पोखड़ा प्रखंड के बस्टांग गांव के एक परिवार को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। एकेश्वर क्षेत्र के सिमारखाल निवासी भूपेंद्र सिंह, बैंदुल निवासी राकेश ग्वाड़ी ने बताया कि कई बार विद्यालय जाने वाले छात्रों को रास्ते में गुलदार दिखाई देने से वापस आना पड़ रहा है। वन्य जीवों के आतंक के कारण महिलाओं को भी चारापत्ती लाने में परेशानी हो रही है।