रेडू गांव में गुलदार व भालू की धमक, दहशत में ग्रामीण

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एकेश्वर के ग्राम रेडू में बनी है जंगली जानवरों की धमक
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पर्वतीय क्षेत्र में जंगली जनवरों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। एकेश्वर ब्लॉक के ग्राम रेडू में पिछले एक माह से भालू व गुलदार की धमक बनी हुई है। दहशत में जी रहे ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाकर भालू व गुलदार के आतंक से निजात दिलवाने की मांग की है।
वर्तमान में रेडू गांव में करीब पांच परिवार रहते हैं। लेकिन, यह परिवार इन दिनों जंगली जानवर की दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीण जगदीश पसबोला, दिनेश चंद्र पसबोला व नरेंद्र पसबोला ने बताया कि गांव में जंगली जानवरों की धमक से सबसे अधिक खतरा बच्चों व बुजुर्गों को बना हुआ है। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को स्वयं उनके अभिभावक छोड़ने व लेने के लिए जा रहे हैं। कुछ दिन पूर्व गांव के समीप खेतों में घास काटने गई महिलाओं को भालू दिखाई दिया। इसके बाद महिलाओं में भी खौफ बना हुआ है। मवेशियों के चारा पत्ती की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गई है। उन्होंने बताया कि गुलदार ने एक बछड़े को मार दिया, जबकि एक बछड़े को घायल कर दिया है। जिससे ग्रामीण दहशत में है। शुक्रवार सुबह अपनी ड्यूटी से वापस लौट रहे गांव के एक युवक को मार्ग पर भालू दिखाई दिया। युवक ने भालू की वीडियो बना वन विभाग के अधिकारियों को भेजी। लेकिन, विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर झांकने तक नहीं पहुंचे। कहा कि जंगली जानवरों से निजात के लिए गांव में पिंजरे लगाए जाने चाहिए। वहीं, दमदेवल रेंज के रेंजर राजेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि एकेश्वर ब्लॉक के ग्राम रेडूृ में भालू की चहलकदमी की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। बताया कि रेडू गांव में टीम को भेजा जा रहा है, टीम गश्त करेगी और गामीणों से भालू की गतिविधियों की जानकारी ली लेगी। उन्होंने बताया कि गांव में पिंजरा लगाने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जायेगा।

चौंडलिया में गुलदार की धमक
प्रखंड बीरोंखाल क्षेत्र के चौंडलिया में इन दिनों गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार के आंतक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। आए दिन गुलदार गांव के निकट आकर मवेशियों को निवाला बना रहा है।
गुरूवार को दिनेश चंद्र बुड़ाकोटी अपने खेतो में बैलों को चुगा रहे थे। तभी झाडियों में छिपे गुलदार ने बैल पर हमला कर दिया। दिनेश चंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्र हो गए, जिसके बाद गुलदार जंगल की तरफ भाग गया। गुलदार के हमले में बैल की मौत हो गई। ग्रामीण शंभू प्रसाद, जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि गुलदार अभी तक बैल, गाय, बकरी सहित कई मवेशियों को अपना निवाला बना चुका है। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने व ग्रामीणों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

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