नई टिहरी। बालगंगा रेंज के बासर पट्टी के अंतर्गत आने वाले मान्दरा गांव के ग्रामीण इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक से बेहद परेशान हैं। गांव के खेतों में उगाई जा रही धान की फसल से लेकर सीजनल फल और सब्जियों तक को बंदर पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फिरता जा रहा है। पूर्व प्रधान मोहन लाल भट्ट ने जानकारी दी, कि बंदरों के आतंक से ग्रामीण वर्षों से जूझ रहे हैं। पिछले वर्ष वन विभाग को सूचित करने पर बालगंगा रेंज अधिकारी प्रदीप चौहान ने तीन बार बंदर पकड़ने के लिए टीम भेजी थी। इससे थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन स्थिति अब फिर वैसी की वैसी हो गई है। वर्तमान ग्राम प्रधान सुचिता देवी, केपार्स के प्रधान रतन सिंह और उदय नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से अपील की है कि बंदरों से स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर झुंडों में आकर खेतों और बागवानी को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे ग्रामीणों की आय और मेहनत दोनों ही प्रभावित हो रही है। गांव के बुजुर्ग और महिलाएं तक खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या और उनकी आक्रामकता के चलते कई बार घरों में घुसपैठ की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। वन विभाग से मांग की गई है कि गांव में पुनः बंदर पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और यदि संभव हो तो स्थायी समाधान जैसे बायो-फेंसिंग या पुनर्वास योजना पर भी विचार किया जाए।