जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : विकासखंड थलीसैंण के ग्राम पोखरी में बाघ की चहल कदमी से ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन दहाड़े ही बाघ गांव में घुस रहा है। अब तक बाघ कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। उन्होंने बाघट को पकड़ने के लिए वन विभाग थलीसैंण से क्षेत्र में पिंजड़ा लगाने की मांग की है।
पूर्व प्रधान मनोज पोखरियाल ने कहा कि बाघ के आंतक के कारण गांव से बाहर निकलना बड़ा मुश्किल हो रखा है। छोटे-छोटे नौनिहालों को स्कूल भेजना बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। कहा कि आजकल खेती का कार्य भी चल रहा है, लेकिन लोगों को खेतों में जाने में भी डर लग रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग थलीसैंण को भी इस बारे अवगत करा दिया है, लेकिन वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पटाखे फोड़कर अपने कर्तव्य की इतिथ्री कर वापस लौट जाती है। पूर्व प्रधान ने कहा कि जिस तरह से लगातार बाघ गांव के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है उससे हर समय किसी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने अपने को स्कूल छोड़ने और लाने, खेतों मेंं अकेले न जाने की अपील की है।