जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जयहरीखाल के अंतर्गत सेंधीखाल से चुंडई के मध्य मार्ग का डामरीकरण नहीं होने पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि यदि जल्द मार्ग की सुध नहीं ली गई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। कई दशक बीत जाने के बाद भी आज तक जनप्रतिनिधियों ने मार्ग के डामरीकरण की सुध नहीं ली, जिस कारण क्षेत्र के सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति सीला क्षेत्र की बनी हुई है। डामरीकरण न होने के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लैंसडौन विधानसभा तक आने वाली सड़क तो पक्की है। लेकिन, यमकेश्वर विधानसभा के अंतर्गत आने वाली करीब ढाई किलोमीटर सड़क बदहाल पड़ी हुई है। ढाई किलोमीटर के सफर को तय करने में वाहन चालकों की सांसें अटकी रहती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने उन्हें मार्ग को पक्का करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों ने इस ओर झांककर भी नहीं देखा। यदि जल्द मार्ग डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, विजय सिंह रावत, अनीता असवाल, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।