तिमली सेरा में पत्थरों के चुगान का ग्रामीणों ने किया विरोध

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नई टिहरी()। हेंवल नदी के तिमली सेरा में निजी कंपनी द्वारा पत्थरों के चुगान का स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया है। मामले में उन्होंने डीएम नितिका खंडेलवाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कहा कि सबसे पहले आपदा प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाए। हेंवलघाटी क्षेत्र के ग्रामीण पर्यावरणविद विजय जड़धारी और ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय मैठाणी के नेतृत्व में डीएम से मिले। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर बताया कि गाजियाबाद की एक निजी कंपनी हेंवल नदी के तिमली सेरा में पत्थरों का चुगान कर रही है। जो उचित नहीं है। कहा कि बीते सितंबर माह में आपदा के कारण तिमली सेरा में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। थान, कुमाली आदि गांव के कई लोगों के मकान, दुकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। खेत बह गए और सिंचाई नहरें, पेयजल लाइनें भी टूट गई थी। तब से छह का समय बीतने के बाद भी न तो सुरक्षा का कार्य हुआ और न हीं प्रभावितों को मुआवजा मिल पाया। डीएम को बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों को तो अभी तक कुछ नहीं मिला। बाहरी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नदी में पत्थरों के चुगान की अनुमति मिल गई। उन्होंने कहा कि चुगान करने से पूर्व प्रभावितों की समस्याओं का समाधान किया जाए और स्थानीय लोगों के हितों को देखते हुए वैज्ञानिक तरीके से ही चुगान कराएं। अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगे। डीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मौके पर पूरण सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह, तुलसीदास, रजनी देवी, बालेंदु उनियाल, विजयपाल राणा आदि मौजूद रहे।

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