ग्रामीणों ने उठाई जंगली जानवरों के आतंक से निजात की मांग

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रखंड रिखणीखाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत मैंदणी में लगातार बढ़ रही जंगली जानवरों की धमक पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि जंगली जानवरों के आतंक से निजात के लिए सरकारी सिस्टम को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
ग्राम पंचायत मैंदणी में ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में गुलदार व भालू के आंतक पर गहरी चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से हिंसक वन्व जीवों से निजात दिलाने की मांग की है। सर्वप्रथम ग्राम सभा के निवनियुक्त वार्ड सदस्यों का अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में गुलदार व भालू का आंतक बना हुआ है, आए दिन गुलदार व भालू आबादी क्षेत्र में आकर मवेशियों को निवाला बना रहे है, हिंसक वन्य जीव ग्रामीणों पर हमला कर रहे है। कहा कि बंदर व सुअरों ने तो खेती को पूरी तरह से बर्बाद कर रखा हुआ है। बंदर व सुअर घरों के आंगनों में आकर साग सब्जी को चट कर जा रहे है। ग्रामीणों ने वृद्धावस्था व किसान पेंशन के मामले भी उठाए। कहा कि उन्हें समय पर पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे ग्रामीणों की समस्याओं को क्षेत्र पंचायत की बैठक में प्रमुखता से उठाएंगे। कहा कि शासन-प्रशासन को गुलदार व भालू के आंतक से निजात दिलावाने के लिए ठोस नीति बनानी होगी। अगर यही हाल रहे तो आने वाले समय में गांवों से बड़ी मात्रा में पलायन होने की संभावना है। बैठक में पूर्व प्रधान सीमा देवी, कुलदीप सिंह बिष्ट, आरजू देवी, शिवानी, पंकज सिंह, शशि देवी, गीता देवी मौजूद रहे।

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