रुद्रप्रयाग : केदारघाटी के विभिन्न गांवों में इन दिनों बंदरों के साथ-साथ जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। जंगली जानवरों ने ग्रामीणों की सारी फसल नष्ट कर दी है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। ऊखीमठ विकासखंड के ल्वारा, ल्वाणी, देवागण, लंबगौंडी सहित अन्य गांवों में बीते दो सप्ताह से बंदर ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। बंदर ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। इसके अलावा भालू व सुअर भी ग्रामीणों के खेतों तक पहुंचकर मंडुऐ की फसल को नुकसान पहुंचा रहे है। सामाजिक कार्यकर्ता महेश बगवाडी, हुकम सिंह फरस्वाण, कुंवर सिंह, दरबान सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि पहले इन गांवों में कुछ ही बंदर ही दिखाई देते थे, किंतु बीते दो सप्ताह से बंदरों की संख्या में अचानक बढोत्तरी से ग्रामीण परेशान है। बड़ी संख्या में आए बंदरों से लोग कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बंदरों के साथ-साथ सूअर व भालू भी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहा कि जानवरों का आतंक इतना ज्यादा हो गया है कि जहां पहले काश्तकार साधन सहकारी समिति में पांच से दस कुंतल मंडुआ व चैलाई देते थे, वह आज घटकर पचास किलों ही रह गया है। उन्होंने जिला प्रशासन व वन विभाग से इन जंगली जानवरों पर नियंत्रण लगाकर ग्रामीणों को इनसे निजात दिलाने की मांग की है। (एजेंसी)