नई टिहरी। कवि सोमवारी लाल सकलानी निशांत की लिखित पुस्तक पेड़ों के मसीहा-विश्वेश्वर दत्त सकलानी (वृक्ष मानव) का विमोचन किया गया। पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उत्तराखंड के वृक्ष मानव नाम से प्रसिद्ध रहे स्व. विश्वेश्वर दत्त सकलानी के जीवन पर आधारित है। अपने जीवनकाल में उन्होंने रिकॉर्ड 50 लाख से अधिक बांज, बुरांश, देवदार, काफल आदि के पौधे लगाए। रविवार को पंचमी पर्व पर चंबा में मुख्य अतिथि जमना लाल बजाज पुरस्कार प्राप्त धूम सिंह नेगी ने पुस्तक का विमोचन करते हुए विश्वेश्वर दत्त सकलानी के योगदान पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उनका व्यावहारिक अनुकरणीय प्रयास रहा है। प्रत्येक युग में विश्वेश्वर जैसे लोगों की आवश्यकता रहेगी। बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी ने स्व. सकलानी के कार्य को अद्भुत माना। उनके कार्य से वन संरक्षण के क्षेत्र में क्रांति आई, जो आज स्पष्ट दिखाई दे रही है।पीयूष उनियाल ने कहा कि सकलानी के कार्य समाज और पीढ़ी को दिशा देते रहेंगे। वहीं अरण्य रंजन ने कहा कि वे वृक्ष को ही अपने माता- पिता, संतान और भगवान मानते थे। समाजसेवी रघुभाई जड़धारी ने वृक्ष मानव के उत्कृष्ट कार्य को नमन किया। लेखक निशांत ने कहा कि पुस्तक में 32 प्रकरण हैं तथा यथास्थान सकलानी से संबंधित चित्र भी शामिल किए हैं। इस मौके पर सूरज राणा, सुमन रमोला, संजय रावत, संजय बहुगुणा, सुरेंद्र मोहन, साब सिंह सजवाण, शक्ति जोशी, दर्मियान सजवाण, कौशल्या सजवाण, रवि गुसाईं, जगमोहन चौहान, बीपी सेमवाल, लोकेंद्र उनियाल, अरविंद बहुगुणा, प्रवीण उनियाल, बब्बू रमोला आदि मौजूद थे।