सिगड्डी के भूवदेवपुर क्षेत्र में हाथियों ने मचाया उत्पात
जयंन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वन विभाग के लाख दावों के बाद भी आबादी क्षेत्र में हाथियों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। भाबर क्षेत्र के सिगड्डी भूवदेवपुर में पहुंचे हाथियों ने खूब उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने जहां काश्तकारों की फसल को बर्बाद किया। वहीं, प्लास्टिक की टंकियों व घास काटने की मशीन को भी तोड़ दिया। पूरी रात वार्डवासी हाथियों को भगाने के प्रयास में जुटे हुए थे। आक्रोशित काश्तकारों ने वन विभाग से उन्हें नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हाथियों की धमक बनी हुई है। दरअसल, भूवदेवपुर का अधिकांश भाग जंगल से सटा हुआ है। ऐसे में आबादी क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की धमक बढ़ती जा रही है। बुधवार देर रात आबादी में पहुंचे हाथियों ने झुंड ने काश्तकारों के भवनों के समीप पहुंचकर खेतों व घरों में रखी पानी की टंकी को तोड़ दिया। एक काश्तकार के घर के बाहर खड़ी चारा मशीन को भी हाथियों ने तोड़ दिया। आबादी में हाथियों के पहुंचने पर काश्तकार एकजुट हुए और शोर मचाकर उन्हें भगाने का प्रयास किया। लेकिन, हाथी वापस जंगल में जाने के बजाय खेतों में ही उत्पात मचाते रहे। घंटों बाद जब हाथी वापस जंगल की ओर लौटे तो काश्तकारों ने राहत की सांस ली। काश्तकारों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण हाथियों का झुंड आबादी में पहुंच रहा है। जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है। हाथी काश्तकारों की मेहनत से उगाई गई फसल को बर्बाद कर रहे हैं। काश्तकारों ने वन विभाग से उन्हें नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। कहा कि काश्तकारों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्र में हाथी की धमक रोकने के लिए वन कर्मियों की भी गश्त करवाई जानी चाहिए।