भाबर क्षेत्र में नहरों में कब्जा होने से सड़क पर जमा हो रहा सिंचाई का जल
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भाबर क्षेत्रों में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई गई नहरों पर अतिक्रमण हो गया है। नतीजा, सिंचाई का जल खेतों में पहुंचने के बजाय सड़क पर ही बह रहा है। जगह-जगह सड़क पर जमा पानी के कारण आमजन का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। नहरों की सफाई व अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार शिकायत के बाद भी सरकारी सिस्टम लापरवाह बना हुआ है।
दुर्गापुरी, मोटाढांक, किशनपुर, जशोधरपुर सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में काश्तकार खेती करते हैं। काश्तकारों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जगह-जगह ट्यूबवैल बनाए गए हैं। नहरों के माध्यम से यह पानी खेतों तक पहुंचता है। लेकिन, वर्तमान में कई स्थानों पर लोगों ने नहरों में अतिक्रमण कर दिया है। जिसके कारण पानी खेतों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा। साथ ही कई लोग घरों से निकलने वाले कूड़े को भी नहरों में डाल रहे हैं। जिससे नहर चोक हो रही है। इन दिनों सुबह से शाम तक मोटाढांग से किशनपुर की ओर जाते समय सड़क पर यह नजारा आसानी से देखा जा सकता है। कई स्थानों पर आमजन का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों को बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। जिससे हर समय दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। काश्तकार श्याम सिंह, मुन्ना सिंह ने बताया कि कई लोगों ने स्थाई निर्माण कर नाली का आकार छोटा कर दिया है, जिससे पानी सड़क पर बह रहा है। इस संबंध में कुछ दिन पूर्व अधिकारियों को भी ज्ञापन दिया गया था। लेकिन, स्थिति जस की तस बनी हुई है।