खेतों में नहीं पहुंच रहा पानी, बर्बाद हुई फसल

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लाख शिकायत के बाद भी सिंचाई नहरों की सफाई नहीं होने पर संयुक्त समाज सेवी संगठन ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से फसल बर्बाद हो गई है। काश्तकारों ने जल्द समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गुरुवार को काश्तकारों ने तहसील में पहुंचकर उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी को ज्ञापन दिया। काश्तकारों ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार खेती पर ही निर्भर हैं। काश्तकारों को पानी पहुंचाने के लिए खोह नदी से योजना बनाई गई। लेकिन, अगस्त माह में आई आपदा से सिंचाई नहरें मलबे में दबी हुई है। नतीजा, खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में अब काश्तकारों के समक्ष आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। एक ओर जहां सरकार काश्तकारों के लिए योजना चला रही है, वहीं, सिंचाई विभाग नहरों की सफाई भी नहीं करवा पा रहा है। कश्तकारों ने कहा कि सरकारी सिस्टम की इस लापरवाही से काश्तकार खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। लाख शिकायत के बाद भी अधिकारी समस्या को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। काश्तकारों ने नहरों की सफाई करवाने के साथ ही काश्तकारों को बर्बाद फसल का मुआवजा देने की मांग की है। कहा कि काश्तकारों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर संगठन के संरक्षक रतन सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, महानंद ध्यानी, हरेंद्र रौतेला, सतेंद्र सिंह नेगी, हरीश चंद्र भदोला, पपेंद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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