नई टिहरी()। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में टिहरी बांध जलाशय की वहन क्षमता और सुरक्षित जल-क्रीड़ा गतिविधियों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि बोट यूनियन के सभी संचालक निर्धारित जोन के भीतर ही बोट संचालन सुनिश्चित करें, जिससे जलाशय में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि टिहरी में पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए टेंट सिटी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिस पर जल्द निर्णय की अपेक्षा है। बैठक के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटरस्पोर्ट्स, गोवा के मैनेजर रणजीत सिंह ने वाटर-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, लाइसेंस प्रक्रिया, फिजिबिलिटी स्टडी, रिस्क असेसमेंट, सेफ्टी ऑडिट और अकादमिक कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी। संस्थान के इंस्ट्रक्टर समीर ने बताया कि देश में पहली बार ऐसा सर्वे टिहरी में किया गया है। इस सर्वे में जलाशय की क्षमता को अध्ययन कर यह निर्धारित किया गया कि किस क्षेत्र में कितनी बोटें सुरक्षित रूप से संचालित हो सकती हैं। टीम ने टिहरी जलाशय को कोटि कॉलोनी, ली रोई, डोबरा-चांठी, नंदगांव और सादंणा बोटिंग प्वाइंट सहित पाँच जोन में चिन्हित किया है। सर्वे को हाई-वाटर और लो-वाटर लेवल के दो चरणों में पूरा किया गया। बैठक में बोट यूनियन प्रतिनिधियों ने यॉट मेंटेनेंस, ली रोई बोटिंग प्वाइंट तक 200 मीटर सड़क निर्माण और टेंट सिटी जैसी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी मांगें रखीं। बैठक में डीटीडीओ एसएस राणा, एडीबी आशीष कठैत, टीएचडीसी के संजय महार, बोट यूनियन अध्यक्ष लखवीर चौहान सहित यूनियन सदस्य उपस्थित रहे।