रुड़की()। एक दिन पहले धूप निकलने से लोगों को मिली हल्की राहत के बाद रविवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे थे कि बहुत नजदीक की वस्तुएं भी साफ नजर नहीं आ रही थीं। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते रहे और लोग ठिठुरन के बीच दिन की शुरुआत करने को मजबूर हुए। ठंड और कोहरे के असर से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सुबह-सुबह बाजारों में रौनक कम दिखी और लोग जरूरी काम निपटाकर घरों में ही दुबके रहे। दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। दोपहर बाद भी कोहरे की चादर छाई रहने से तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। शाम ढलते ही ठंड ने और जोर पकड़ लिया, जिसके चलते कई इलाकों में बाजार अपेक्षाकृत जल्दी बंद हो गए। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव जलाए और गर्म पेय पदार्थों का सहारा लिया। बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर भी लोग अलाव के आसपास जुटे दिखे। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा था। कामकाज निपटाकर लोग जल्द ही घरों की ओर रवाना हो गए। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम कोहरा बने रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। कोहरे ने व्यापार पर डाला बुरा असर व्यापार पर भी मौसम की मार साफ नजर आई। दुकानदारों के अनुसार रविवार को सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत तक कारोबार प्रभावित रहा। खासकर खुले में लगने वाली दुकानों और ठेलों पर ग्राहक कम पहुंचे। दुकानदार संजीव वर्मा, सुमित सचदेवा, बिनारसी दास आदि का कहना है कि बाजार में वैसे तो इस समय गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ भाड़ अधिक रहती है, लेकिन एक तरफ शादियों के सलगन खत्म होने से पहले से ही कारोबार ठप हो गया था। वहीं अधिक कोहरा और ठंड होने के चलते लोग बाजार की ओर कम ही रुख कर रहे हैं। शाम को भी बाजार में पांच बजे के बाद रौनक कम होनी शुरू हो जाती है। आठ बजे बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है। इससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।