नगर निगम के बदहाल शौचालयों के कब सुधरेंगे हालात

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-क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों की हालत ऐसी कि नहीं करता कोई इनका इस्तेमाल
-महिलाओं के लिए भी नहीं बनाए गए हैं सार्वजनिक शौचालय
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नगर निगम बनने के बाद भी कोटद्वार क्षेत्र में आम जनता को विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले। क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं व क्षेत्र के बेहतर विकास को तरस रहे हैं। क्षेत्र की बदहाल स्थिति का आकलन यहां के सार्वजनिक शौचालयों को देखकर किया जा सकता है। हर बार नगर निगम इन शौचालयों की साफ-सफाई के दावे करता है, लेकिन इन शौचालयों की स्थिति रत्ती भर भी फर्क नहीं आता। कहने को तो नगर निगम ने बाजार व आसपास के क्षेत्रों में पांच से अधिक शौचालय बनाए हैं, लेकिन एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं है। इसके अलावा महिलाओं के लिए तो क्षेत्र में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया है जो कि नगर निगम की लापरवाही को साफ बयां करता है।
नगर निगम क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारने को करीब तीन वर्ष पूर्व कवायद शुरू की गई थी। जिसके तहत 35 लाख रुपये की लागत से पांच से अधिक शौचालयों की मरम्मत व कुछ नए शौचालयों का निर्माण करवाया गया था। हालांकि, आज एक भी शौचालय इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं हैं। शौचालयों में पसरी गंदगी और उठती बदबू के कारण लोग इनका इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते। इसके अलावा जो लोग मजबूरी में इनका इस्तेमाल करते भी हैं, उन्हें संक्रामक बीमारियों का डर बना रहता है।

यहां बनी है सबसे ज्यादा परेशानी
नगर निगम के प्रेक्षागृह स्थित शौचालय की हालत भी बदहाल है। नगर निगम के समीप मालवीय उद्यान में बने सार्वजनिक शौचालय का तो गंदगी के कारण आमजन ने उपयोग करना ही बंद कर दिया है। यही स्थिति नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय बेस चिकित्सालय के समीप स्थित शौचालय, पुराना सिद्धबली मार्ग, नजीबाबाद रोड व रिफ्यूजी कालोनी के समीप बने शौचालय की बनी हुई है।

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