जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रेलवे में नौकरी के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले एक अंरराज्यीय गिरोह की महिला को पुलिस ने गिफ्तार कर लिया है। मामले में तीन लोग पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
कोटद्वार पुलिस ने महिला को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि बीते सितंबर माह में मानपुर निवासी मयंक नेगी ने कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर में कहा गया कि क्षेत्र की एक महिला ने उसका परिचय सतीश कुमार नामक एक व्यक्ति से करवाया। सतीश ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उसे राजकुमार बनर्जी उर्फ सुभतो रे और दीपक नाम के व्यक्तियों से मिलवाया। नौकरी के प्रति आश्वास्त होकर उसने अपने सभी दस्तावेज सतीश को दे दिए। कहा कि यदि कोई अन्य युवक भी सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो उनसे संपर्क कर सकते हैं। उक्त की बात पर भरोसा कर उसने अपने पांच मित्रों का परिचय उन लोगों से करवा दिया। इसके बाद उक्त लोगों ने उनसे धनराशि की मांग की। उसने अपने, अपनी माता व बहिन के खाते से सतीश को विभिन्न तिथियों पर 4.10 लाख धनराशि हस्तांतरित की। साथ ही एक लाख रूपए नकद दिए। तहरीर में कहा गया था कि सितंबर 2022 में उसे ईस्टर्न रेलवे का कूटरचित ज्वाइनिंग लैटर देकर उसे ट्रेनिंग के लिए भिजवा दिया। सात माह की ट्रेनिंग प्रोविजनल पीरियड बताकर उसे दमदम पार्क, कोलकत्ता में किसी निजी कार्यालय व जमाडोबा-धनबाद रेलवे स्टेशन में भेजा गया। इस दौरान उसका कूटरचित फर्जी आई-कार्ड भी बनाया गया और ट्रेनिंग पीरिएड पूर्ण होने के बाद उसे वापस कोटद्वार भेज दिया गया। तहरीर में कहा गया है कि उक्त तीनों लोगों ने नौकरी के नाम पर 32.80 लाख रूपए की ठगी की। मामले में पुलिस ने कुतुब बिहार, साउथ दिल्ली निवासी सतीश कुमार, कोलकता के थाना बागाहुटी में श्यामा प्रसाद मुखर्जी देशबंधु नगर निवासी सुभब्रत राय और झारखंड के धनबाद में कुसुंडा निवासी छोटू पासवान को पूर्व में गिरफ्तार कर दिया था। कोतवाली प्रभारी रमेश तनवार ने बताया कि मामले में जांच के दौरान पश्चिमी बंगाल के जिला हुगली थाना भद्रेश्वर के अंतर्गत तारकेश्वर पुली चंपदानी निवासी मंजू देवी (हाल निवासी गांधी रोड, धनबाद, झारखंड) को गांधी चौक रोड धनबाद से गिरफ्तार किया है।