विकासनगर। श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में शिरकत कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि आने वाला युग महिलाओं का युग है। भारत महिलाओं के विकास से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ रहा है, जहां वे केवल लाभार्थी नहीं बल्कि नवाचार और नीति निर्माण की अगुवा बन रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर उन्हें नेतृत्व की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र सैनी को सेवानिवृत्त होने पर उन्हें सम्मानित किया। पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे प्रधानाचार्य डॉ. सैनी ने विद्यालय में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की मजबूत नींव डाली है। अब शिक्षकों का दायित्व है कि इस अभियान को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों में निहित महिला नेतृत्व को संजोया और प्रोत्साहित किया है। वैदिक काल में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियों ने दार्शनिक चर्चाओं में समान रूप से भाग लिया और उस समय महिलाओं को उपलब्ध शैक्षिक अवसरों का प्रतीक बनीं। रानी लक्ष्मीबाई और कित्तूर रानी चेनम्मा जैसे वीरांगनाओं ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्षेत्रीय और लैंगिक विविधता का प्रतिनिधित्व किया। आज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की पहली आदिवासी महिला और इस उच्च पद पर आसीन होने वाली दूसरी महिला हैं। कहा कि चंद्रयान और मंगलयान अभियानों की सफलता में भारत की महिला वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे प्रधानाचार्य सैनी को सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय के विकास में अपना योगदान देने की सालह दी।