महिलाओं ने सीखें मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन की बारीकियां

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पांच दिवसीय वन उपज से आजीविका संवर्धन कार्यशाला सम्पन्न
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के दक्षिणी जखोली रेंज के अंतर्गत योजना के तहत रौठिया गांव में पांच दिवसीय ’वन उपज से आजीविका संवर्धन’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन और वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
मैसर्स अनंत हिमलयाज जखोली और मैसर्स ग्रीनहट ऑर्गेनिक ग्लोबल पहाड़ी के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस शिविर में स्थानीय महिलाओं और युवाओं को न केवल उत्पादन, बल्कि मशरूम का अचार बनाने और उसे सुखाकर संरक्षित करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मशरूम की खेती और मधुमक्खी पालन ऐसे कृषि आधारित उद्योग हैं जिन्हें भूमिहीन किसान, महिलाएं और बुजुर्ग भी कम लागत में अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। कार्यशाला में विशेष रूप से एपिस सेरेनाश, मधुमक्खी और ऑयस्टरश व बटन मशरूम पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो उत्तराखंड की जलवायु के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी पुण्डीर ने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को वनों के संरक्षण से जोड़ते हुए उनकी आजीविका को सुरक्षित करना है, जिससे लोकल फॉर वोकल का सपना साकार हो सके। इस मौके पर रेंज अधिकारी हरीश थपलियाल, वन दरोगा गोविंद चैहान, ग्रामीण विजयपाल, बलबीर, काजल देवी, कमला देवी, अमारी देवी, योगिता देवी सुशील देवी आदि उपस्थित रहे।

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