चंपावत की महिलाओं ने हैस्को में सीखे आत्मनिर्भर बनने के गुर

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देहरादून(। चंपावत जिले की 20 महिलाएं देहरादून के हैस्को केंद्र में ट्रेनिंग ले रही हैं। इसमें महिलाओं को खेती, पशुपालन नए तरीके सिखाए जा रहे हैं। महिलाओं ने यहां प्रकृति पार्क देखा और तय किया कि वे अपने गांव में भी ऐसा ही काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने की सीधे बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉल के जरिए इन महिलाओं से संवाद किया। कहा कि उत्तराखंड के विकास में महिलाओं का बहुत बड़ा हाथ है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं द्वारा बनाए गए सामान को अब बड़े बाजारों और विदेशों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि चंपावत को एक आदर्श जिला बनाया जा रहा है। ट्रेनिंग में चंपावत की एक 22 साल की युवा ग्राम प्रधान निशा भी शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों के डर से अब गांव वाले फसलों को बदलकर बो रहे हैं ताकि नुकसान कम हो। महिलाओं ने यह भी कहा कि गांव में पानी की कमी जैसी दिक्कतें तो हैं, लेकिन इस ट्रेनिंग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। हैस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी ने महिलाओं की तारीफ करते हुए कहा कि गांव को बचाने में महिलाओं की भूमिका सबसे बड़ी है। ट्रेनिंग में शामिल बबीता और जानकी देवी ने बताया कि अब वे गांव में ही मशरूम उगाने और नई तकनीकों से काम करने के लिए तैयार हैं। इससे उन्हें रोजगार के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा।

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