रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लॉक के भुनाल गांव में भालू के हमले में गंभीर घायल महिलाओं का श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। बीती सांय को ही उन्हें जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेजा गया। ताकि जल्द से जल्द उन्हें बेहतर उपचार दिया जा सके। वहीं दूसरी ओर वन विभाग की 4 सदस्यीय टीम ने क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाने के साथ ही लोगों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया है। रविवार को बांगर क्षेत्र के भुनाल सहित आसपास के गांवों में लोगों में डर का माहौल है। महिलाएं घास लेने के जंगल भी झुंड में गई। शोर शराबा किया गया। वन विभाग की चार सदस्यीय टीम भी क्षेत्र में गश्त कर लोगों को जागरूक कर रही है। ग्रामीणों को भालू के साथ ही अन्य हमलावर जानवरों से बचने के लिए झुंड में जाने के साथ ही हाथ में लाठी और शोर शराबा कर आवाजाही करने के प्रति जागरूक कर रही है। उत्तरी जखोली के वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र नेगी ने बताया कि चिकित्सकों की रिर्पोट के आधार पर दोनों महिलाओं को विभाग की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। बताया कि यह भालू का पीक सीजन है इसलिए लोगों का सर्तक रहने की जरूरत है। इस क्षेत्र में वर्ष की यह पहली घटना है। इससे पहले धारकुडी में बीते वर्ष भालू ने हमला किया था। वन विभाग द्वारा भालू, गुलदार और सूअर के हमले की घटनाओं में पीड़ित व्यक्ति को साधारण घायल की स्थिति में 15 हजार, गंभीर घायल में 1 लाख, आंशिक अपंग में 2 लाख, पूर्ण अपंग में 3 लाख और मृत होने की स्थिति में 6 लाख का मुआवजा देने का प्राविधान है। ग्राम प्रधान भुनाल गांव सीमा देवी बैरवाण और जखोली के ज्येष्ठ प्रमुख नवीन सेमवाल ने शीघ्र पीड़ित महिलाओं को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में वन विभाग को नियमित गश्त करने की मांग की। बताते चलें कि बीते दिन भुनाल गांव की बुरांसी देवी पत्नी स्व मदन सिंह एवं शशि देवी पत्नी कुंवर सिंह गांव को गांव के पास ही खेतों में काम करते हुए भालू ने बुरी तरह जख्मी कर दिया। भालू ने दोनों महिलाओं के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव किए हैं जिससे भारी मात्रा में रक्तस्राव हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना शीघ्र बक्सीर मेडिकल टीम के प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर द्वारा दोनों महिलाओं को अगस्त्यमुनि लाया गया जहां से एम्बुलेंस से रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय पहुंचे जहां से दोनों को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है जहां उनका उपचार चल रहा है। छेनागाड़ आपदा प्रभावित क्षेत्र में मयाली-छेनागाड़-गुप्तकाशी मोटर मार्ग के बंद होने की स्थिति में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बीमार, गर्भवती महिलाओं के साथ ही जंगली जानवरों और अन्य घटनाओं में पीड़ित लोगों को सड़क बंद होने से भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है।