जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्रखंड नैनीडांडा के ग्राम कौला मल्ला तोक, खडोलियाखेत में स्थापित पिरुल कलेक्शन प्लांट के साथ ही विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने पिरुल संग्रहण कार्य में लगी महिलाओं से संवाद किया। कहा कि पिरूल संग्रहण से महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने जिलाधिकारी के समक्ष पिरुल को सुखाने के लिए छोटी यूनिट मशीन उपलब्ध करवाने की बात रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कहा कि पिरुल संग्रहण से महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, जिसे और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। जिलाधिकारी ने डीएफओ को निर्देश दिए कि पिरुल एकत्र कर रही महिलाओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। डीएफओ ने बताया कि संबंधित भुगतान 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को पीरुल संग्रहण का लक्ष्य बढ़ाने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस कार्य से जोड़ने के निर्देश दिए। कहा कि नियमित रूप से पिरुल संग्रहण होने से न केवल वनाग्नि की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि महिलाओं की आय में भी निरंतर वृद्धि होगी। उन्होंने पैलेट बनाने के लिए बाजार सर्वे कर आवश्यक समझौता करने के निर्देश भी दिए, ताकि उत्पाद को बेहतर बाजार मिल सके और आय के स्रोत बढ़ें। बताते चलें कि पिरुल संग्रहण में शामिल महिलाएं प्रतिदिन करीब 250 कुंतल पिरुल एकत्रित किया जा रहा है, जिसमें करीब 350 महिलाएं कार्यरत हैं। बताया कि लैंटाना कलेक्शन को चिपर मशीन से टुकड़ों में काटकर पैलेट तैयार किए जाते हैं। जिलाधिकारी ने बेलर मशीन के माध्यम से पिरूल की बंडलिंग की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड नैनीडांडा के कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों से गांवों में झाड़ी कटान की स्थिति, क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता तथा न्याय पंचायतों से संबंधित जानकारी ली। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार क्षेत्र का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को आपदा के दौरान हुई क्षति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।